कोली समाज की बदी सोलन में सभा

कोली समाज का सम्मेलन 6 मई 2012  को जिला सोलन के बदी में  ग्राम पंचायत भटोली कलां के तहत झाड़माजरी में हुआ, जिसमें अपने हितों के लिए लंबी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कोली समाज के प्रदेश महासचिव जगदीश सिंह ने कहा कि कोली समुदाय को एकजुट होने की सख्त जरूरत है। एकजुटता न होने के कारण आज भी कोली समुदाय के शोषण हो रहा है। कोली समाज का उत्थान तभी संभव है, जब तक पूरा समाज सगंठित न हो। दून विस के झाड़माजरी में दून विस के कोली समाज की सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि कोली समाज के प्रदेश महासचिव जगदीश ने कहा कि आज कोली समाज का व्यक्ति उच्च पद पर विराजमान होने पर अपनी जाति छिपाता है, जबकि कोली समाज के इतिहास काफी प्रसिद्ध रहा है। महात्मा बुद्ध कोली समाज के ही वंशज थे। महारानी लक्ष्मी भाई की अंगरक्षक विरांगना झलकारी भाई ने अपनी जान पर खेल कर अंग्रेजों से युद्ध किया था।  चंडीगढ़ इकाई के प्रधान अमरनाथ ने कोली समाज पर आरसी बसनिया की कविता सुनाई। उन्होंने बताया कोली जाति का कामकाज भी अन्य स्वर्ण जाति की तरह है इसलिए समुदाय के लोगों को अपनी जात छिपाने की कोई आवश्यकता नहीं है। दून इकाई के अध्यक्ष अछरपाल कौशल ने कहा कि आरक्षण रूपी बैसाखी का सहारा लेकर आगे बढ़ने की बजाय स्वयं और मजबूत तैयार करना होगा, जिससे हम किसी भी क्षेत्र में अन्य वर्गों के पीछे न रह सकें। बैठक के बाद चंडीगढ़ इकाई के प्रधान अमरनाथ की देखरेख में दून इकाई के सर्वसम्मति से चुनाव कराए गए, जिसमें अछरपाल कौशल को प्रधान, एचडी तनवर को महासचिव, मदन चौहान को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सुरेश कश्यप कार्यालय सचिव, दिला राम संगठन सचिव, मेहर चंद, विमल किशोर, तरसेम, मनोज कुमार, दीवान चंद, प्रेम चंद, सुरेश कुमार, मास्टर रोशन लाल, कर्मचंद, हरिचंद, डा. ज्ञान, सुभाष कुमार, सतीश कश्यप, देशराज, राम प्रकाश, बंत राम, कली राम, भगत राम, राम प्रताप, चंपा देवी, सुदंर लाल, सुरेश कुमार, राम प्रताप, अंतर राम को कार्यकारिणी में शामिल किया गया। इस मौके पर ग्राम पंचायत भटोली कलां के पंचायत प्रधान अछरपाल कौशल, चंडीगढ़ इकाई के उपप्रधान परशुराम, खुशहाली राम,  सूरत राम, भगत राम, मदन लाल, सोढ़ी पंचायत के प्रधान प्रकाश समेत सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।

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